- Priya

- Jul 9
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जी हाँ बहुत लम्बे और सघन जागरूकता अभियान के तहत कर्रा सोसाइटी फॉर रूरल एक्शन ने पश्चिमी सिंहभूम जिले में पिछले ३ वर्षों में प्रशासन, न्यायपालिका और कार्यपालिका के साथ मिलकर लगातार बाल विवाह, बाल दुर्व्यापार, बाल मजदूरी, बाल शोषण हेतु स्कूलों, पंचायतों में, गाँवों में एवं हर उस जगह पहुँच बनाई है जहाँ जागरूकता और बचाव की बहुत जरूरत है। हमारी संस्था एवं जस्ट राइट के संयुक्त प्रयास से अब तक rescue द्वारा कई बच्चों को बाल दुर्व्यापार से बचाया गया है और लगातार हो रहे बाल संरक्षण के प्रयासों से विगत कई दिनों से हमारे फील्ड से लगातार बच्चियों के पलायन/दुर्व्यापार को रोकने के लिए ग्रामीणों द्वारा प्रयास किया जाना एक संतोषजनक परिणाम है। माना यह बहुत ही कम है, लेकिन पहल का शुरू होना अपने आप में बदलाव की ओर पहला लेकिन कारगर कदम है।
इसी सम्बन्ध में दिनांक ०८/07/२०२६ को सदर थाना के अंतर्गत एक ग्रामीण माता-पिता ने अपनी नाबालिग बच्ची सहित उसकी दोस्त, जो कि नाबालिग थी, को बचाने के लिए रात्रि ११:२७ बजे हमारी टीम मेंबर से फ़ोन द्वारा संपर्क किया और जानकारी साझा की कि उनकी बच्ची रानी (बदला हुआ नाम), उम्र १५ वर्ष, और एक और लड़की चक्रधरपुर से लोकल ट्रेन से राउरकेला चली गई है, जो सुबह गाँव के किसी आदमी के साथ, जो कि एक दलाल है, तमिलनाडु के लिए ट्रेन पकड़ लेंगी। अभिभावकों ने मदद और मार्गदर्शन की गुहार लगाई।
चूँकि रात में ही चाइल्ड लाइन को सारी जानकारी दे दी गई थी, फिर भी KSRA की टीम ने रातभर लगातार फ़ोन के माध्यम से अभिभावकों का मार्गदर्शन करती रही और अंततः अगली सुबह माता-पिता ने अपनी बच्ची के साथ-साथ एक और बच्ची को दुर्व्यापार से बचाने में सफलता प्राप्त की।
लगातार प्रयास और मार्गदर्शन पर काम करते हुए बच्चियों को दिनांक ०९/07/२०२६ की सुबह ट्रैफिकर को छोड़ने पर मजबूर किया गया और माता-पिता एवं सजग ग्रामीणों के सहयोग, सूझ-बूझ, तत्परता और जागरूकता से कर्रा सोसाइटी फॉर रूरल एक्शन की टीम के उचित मार्गदर्शन से दो बालिकाओं को तमिलनाडु जाने से बचाया गया।
यह एक बहुत बड़ा बदलाव और लोगों के लिए प्रेरणादायक प्रसंग है, जो काफी महत्वपूर्ण है। बता दें कि दोनों बच्चियाँ स्कूल में पढ़ने वाली और नाबालिग थीं। KSRA का प्रयास है कि इसी प्रकार की जागरूकता से समाज में बदलाव आएगा, जिसके लिए हम जस्ट राइट के साथ एवं मार्गदर्शन में गतिमान रहेंगे।
